सोमवार, 7 नवंबर 2022

₹12 लाख की सुविधा शुल्क मांगने के मामलें में जांच 

₹12 लाख की सुविधा शुल्क मांगने के मामलें में जांच 

भानु प्रताप उपाध्याय 

शामली। पिछले पांच साल से संपूर्ण वेतनमान नहीं मिलने एवं बकाया भुगतान करने के एवज में बीएसए एवं तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा कथित तौर 12 लाख रुपये की सुविधा शुल्क मांगने के मामलें में डीएम के आदेश पर एडीएम ने जांच शुरू कर दी है। एडीएम ने जहां पीड़ित अध्यापक और बीएसए का बयान दर्ज कर लिया है वहीं अब निर्वतमान वित्त एवं लेखाधिकारी को भी नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है। यह मामला चर्चाओं का विषय बना हुआ है।

बता दें कि सहायक अध्यापक राकेश शर्मा का नजामाबाद उर्फ इस्लामनगर मुजफ्फराबाद जनपद सहारनपुर से विगत 23 अक्तूब्रब 2013 को कांधला ब्लाक के खिजरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्थानान्तरण हुआ था। बताया जाता है कि तत्कालीन बीएसए ने विगत 19 सितंबर 2014 को विद्यालय का निरीक्षण किया था, जिसमें अनुपस्थित रहने के कारण शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था। अध्यापक का आरोप है कि आज तक उन्हें यह नहीं बताया कि उन्हें निलंबित क्यों किया गया और संपूर्ण वेतनमान का भुगतान क्यों नहीं हुआ? इस मामले को लेकर पीड़ित अध्यापक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश पर राकेश कुमार को 35400 रुपये के हिसाब से 14 माह का वेतन भुगतान कर दिया गया लेकिन अभी उनका पांच साल का वेतन बकाया चल रहा है।

अध्यापक ने बेसिक शिक्षा विभाग पर करीब 38 लाख से अधिक वेतन बकाया होने का दावा किया है। अध्यापक का यह भी आरोप है कि पांच साल का पुराना बकाया वेतन के एवज में बीएसए राहुल मिश्र एवं गत 31 अक्तूबर 2022 को सेवानिवृत्त हुए वित्त एवं लेखाधिकारी राजेन्द्र कौशिक द्वारा करीब 12 लाख रुपये सुविधा शुल्क की डिमांड की गई। इसकी शिकायत पीड़ित ने डीएम जसजीत कौर से की थी। डीएम के आदेश पर एडीएम संतोष कुमार सिंह ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पिछले दिनों अध्यापक राकेश शर्मा का लिखित बयान दर्ज किया गया था वहीं सोमवार को बीएसए राहुल शर्मा का भी बयान लिया गया है। एडीएम संतोष कुमार सिंह का कहना है कि निवर्तमान वित्त एवं लेखाधिकारी को भी बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी जाएगी।

शामली: बीएलओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हड़कंप 

शामली: बीएलओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, हड़कंप 

भानु प्रताप उपाध्याय 

शामली। विधानसभा एवं नगर निकाय मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बीएलओ के स्तर पर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। डीएम एवं एडीएम के स्तर पर कई बार बीएलओ को सही तरीके से ड्यूटी पर मुस्तैद रहने की हिदायत दी गई, इसके बावजूद इसमें कई बीएलओ के स्तर पर लापरवाही की शिकायत सामने आई है।

इस मामले में एसडीएम विशू राजा ने बताया कि शामली शहर में बूथ संख्या 1 पर तैनात बीएलओ राहुल पंवार पर अभद्रता, समय से बूथ पर न पहुंचने और अनुपस्थित रहने की शिकायत मिली थी। इस मामले में बीएलओं के खिलाफ सोमवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई से अन्य बीएलओ में भी हड़कंप मचा हुआ है।

देश की सुरक्षा और जनभावनाओं की परवाह नहीं 

देश की सुरक्षा और जनभावनाओं की परवाह नहीं 

श्रीराम मौर्य/संदीप मिश्र 

शिमला/हरोली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस राम मंदिर निर्माण, सर्जिकल स्ट्राइक या अनुच्छेद 370 को रद्द करने जैसे कदम नहीं उठा सकी। क्योंकि, उसे देश की सुरक्षा और जनभावनाओं की परवाह नहीं है। हिमाचल प्रदेश के हरोली विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए प्रचार करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नयी ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी देश में संकट आता है, दोनों ‘भाई-बहन’ (राहुल गांधी-प्रियंका गांधी) देश छोड़कर चले जाते हैं। कांग्रेस का ‘हाथ’ माफियाओं के साथ सदैव रहा है। जब कांग्रेस न आपको सुरक्षा दे सकती है, न सम्मान दे सकती है, न विकास करा सकती है… तो कांग्रेस को चुनना ही क्यों है? उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक और अनुच्छेद 370 को रद्द करने सहित ऐतिहासिक कदम उठाये। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भी इस सरकार के तहत शुरू हो गया। आदित्यनाथ इस चुनावी राज्य (हिप्र) में व्यापक रूप से पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, …क्या कांग्रेस ने कभी इस तरह का ऐतिहासिक कदम उठाया? नहीं, उसने ऐसा नहीं किया। कांग्रेस को देश की सुरक्षा और इसके लोगों की भावनाओं की परवाह नहीं है। और ऐसे में इस पार्टी को वोट देने का क्या मतलब है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ड्रग (मादक पदार्थ) माफिया, भू माफिया, खनन माफिया जैसे सभी प्रकार के माफिया का समर्थन किया है। हिमाचल प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी की डबल इंजन सरकार ने देश के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया है।

उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का जिक्र करते हुए कहा, अब भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारतीय मूल के एक व्यक्ति का ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बन जाना महज संयोग नहीं है। हरोली सीट पर भाजपा के उम्मीदवार राम कुमार हैं और उनका मुकाबला कांग्रेस के विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री से है। अग्निहोत्री ने पिछले दो विधानसभा चुनावों में कुमार को शिकस्त दी है। हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। राज्य विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा का कांग्रेस से सीधा मुकाबला है।

सपा को शिकस्त, जीत का परमच लहराया: बीजेपी 

सपा को शिकस्त, जीत का परमच लहराया: बीजेपी 

संदीप मिश्र 

लखनऊ। प्रदेश के खीरी जनपद की गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने सपा को शिकस्त देते हुए जीत का परमच लहराया है। जिस पर सपा खेमे में निराशा का माहौल बना हुआ है। सपा की हार पर बसपा सुप्रीमो को ट्वीट सामने आया है। सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायवती ने ट्वीट के जरिए कहा कि, यूपी के खीरी का गोला गोकर्णनाथ विधानसभा उपचुनाव भाजपा की जीत से ज्यादा सपा की 34,298 वोटों से करारी हार के लिए काफी चर्चाओं में है। बीएसपी जब अधिकांशतः उपचुनाव नहीं लड़ती है और यहाँ भी चुनाव मैदान में नहीं थी, तो अब सपा अपनी इस हार के लिए कौन सा नया बहाना बनाएगी।

अब अगले महीने मैनपुरी लोकसभा व रामपुर विधानसभा के लिए उपचुनाव में, आजमगढ़ की तरह ही, सपा के सामने अपनी इन पुरानी सीटों को बचाने की चुनौती है। देखना होगा कि क्या सपा ये सीटें भाजपा को हराकर पुनः जीत पाएगी या फिर वह भाजपा को हराने में सक्षम नहीं है, यह पुनः साबित होगा। हालांकि बसपा सुप्रीमो की प्रतिक्रिया राजनैतिक गलियारे के सुर्खियों में हैं।

प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध

प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में सरोगेसी कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 को भ्रूण एवं नवजात बच्चों के व्यावसायीकरण को प्रतिबंधित करने के इरादे से उचित प्रक्रिया के बाद अधिनियमित किया गया था।

केंद्र ने एक हलफनामे में कहा है कि सभी हितधारकों से टिप्पणियां प्राप्त करने के बाद संसद द्वारा कानून पारित किया गया था और याचिकाकर्ताओं ने जिन प्रावधानों को चुनौती दी है वे सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) और सरोगेसी की प्रक्रिया को विनियमित करते हैं तथा इनके कमजोर होने से कानून का उद्देश्य निष्फल हो जाएगा।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 दोनों को कानून के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद अधिनियमित किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने रिट याचिका में जिन प्रावधानों को चुनौती दी है वे एआरटी और सरोगेसी की प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए हैं।

यदि इन धाराओं को कमजोर किया जाता है, तो दोनों अधिनियमों का पूरा उद्देश्य विफल हो जाएगा। याचिकाकर्ताओं- अविवाहित पुरुष करण बलराज मेहता और एक विवाहित महिला एवं एक बच्चे की मां डॉ. पंखुरी चंद्रा ने सरोगेसी कानून के कई प्रावधानों को चुनौती दी है। उन्होंने तर्क दिया है कि संबंधित प्रावधानों के चलते वे प्रजनन विकल्प के रूप में सरोगेसी का लाभ लेने से वंचित हैं, जो भेदभावपूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 14 तथा 21 का उल्लंघन है।

राष्ट्रपति ने 51 नर्सों को पुरस्कार से सम्मानित किया

राष्ट्रपति ने 51 नर्सों को पुरस्कार से सम्मानित किया

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। वार्ता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को यहां नर्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए 51 नर्सों को प्रतिष्ठित नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में उल्लेखनीय और विशिष्ट सेवा के लिए 51 नर्सों को वर्ष 2021 के लिए प्रतिष्ठित नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार प्रदान किये गये। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 1973 में इस पुरस्कार की स्थापना की थी।

किसी खेल को अपनाने का कोई इरादा नहीं: बार्टी

किसी खेल को अपनाने का कोई इरादा नहीं: बार्टी

मोमीन मलिक 

मेलबर्न। विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी एश्ले बार्टी का टेनिस में वापसी करने या किसी अन्य खेल को अपनाने का कोई इरादा नहीं है। मेलबर्न पार्क में अपनी आत्मकथा के विमोचन के अवसर पर इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उनकी उच्च स्तर के खेलों में वापसी करने की कोई इच्छा नहीं है और भविष्य में भी वह ऐसा नहीं करेगी।

इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीतने वाली बार्टी ने सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई एसोसिएट प्रेस से कहा,‘‘ नहीं मेरा वापसी का कोई इरादा नहीं है। मैंने जो हासिल करना था कर लिया है। बार्टी ने तीन ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं और वहां 121 सप्ताह तक विश्व की नंबर एक खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने ब्रिसबेन हीट की तरफ से पेशेवर क्रिकेट भी खेला है और वह गोल्फ में खेलती रही हैं।

इससे कयास लगाए जा रहे थे कि टेनिस छोड़ने के बाद वह किसी अन्य खेल में हाथ आजमा सकती हैं। लेकिन अपनी आत्मकथा ‘माइ ड्रीम टाइम’ का विमोचन करते हुए बार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अपनी नई जिंदगी से बेहद खुश हैं और उनका पेशेवर खेलों में वापसी का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे अपनी जिंदगी में कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि कोई शून्य है जिसे भरा जाना जरूरी है क्योंकि मुझे जो हासिल करना था वह मैं कर चुकी हूं।

डीएम द्वारा कार्यों की समीक्षा बैठक की गई

डीएम द्वारा कार्यों की समीक्षा बैठक की गई  सुशील केसरवानी  कौशाम्बी। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा सम्राट उदयन सभागार में राष्ट्रीय पोषण ...