सोमवार, 13 सितंबर 2021

भरभराते हुए जमीन पर गिरीं 2 मंजिला इमारतें

अकांशु उपाध्याय          
नई दिल्ली। उत्तर पश्चिमी जनपद के सब्जी मंडी इलाके में जर्जर हो चुकी 2 मंजिला इमारत भरभराते हुए जमीन पर आ गिरी। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम मलबे को हटाकर उसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के प्रयासों में जुटी हुई हैं।
सोमवार की सवेरे तकरीबन पूरे 12.00 बजे उत्तर पश्चिमी जनपद के सब्जी मंडी इलाके में स्थित जर्जर हो चुकी 2 मंजिला इमारत अचानक से भरभराकर जमीन पर आ गिरी। इमारत के जमींदोज होते ही आसपास के इलाके में बुरी तरह से हड़कंप मच गया। भाग दौड़कर मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस दमकल विभाग की टीम को लेकर मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत ही राहत और बचाव शुरू कर दिए हैं। जमींदोज हुई इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे हुए होने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल यह इमारत पिछले काफी समय से जर्जर हुई खड़ी थी। इस दुर्घटना के बाद विपक्ष की ओर से लगातार खतरनाक इमारतों का सही तरीके से सर्वे ना कराए जाने और अधिकारियों द्वारा कोई समुचित कार्यवाही ना किए जाने को लेकर नगर निगम के ऊपर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही जर्जर इमारत के जमींदोज होने को लेकर निगम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि निगम के नेतागण अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। उन्हें जनता की जान और माल से कोई लेना देना नहीं है।

595 प्रोफेसरों के पदों पर भर्ती करेगा सेवा आयोग

दुष्यंत टीकम          
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग पहली बार 595 प्रोफेसरों के पदों पर भर्ती करेगा। इसके लिए 13 सितंबर की दोपहर 12 बजे से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आवेदन 13 सितंबर से 12 अक्टूबर 2021 तक कर सकते हैं। इधर प्रोफेसरों की सीधी भर्ती को लेकर विवाद तेज हो गया है। प्रोफेसर सीधी भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा की भारी विसंगति है। गुस्साए प्राध्यापकों ने मामला हाई कोर्ट बिलासपुर में दायर कर दिया है। मामला उम्र बंधन और शैक्षणिक योग्यता को लेकर है, जिसका जमकर विरोध किया जा रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से भर्ती नियम में बदलाव करके प्रक्रिया शुरू की है, उसमें छत्तीसगढ़ के अधिकतर सहायक प्राध्यापक भर्ती से वंचित हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग कुल 30 विषयों के लिए परीक्षा लेगा. इनमें भौतिकी 20, गणित 35, रसायनशास्त्र 50, वनस्पतिशास्त्र 30, प्राणीशास्त्र 26, कंप्यूटर साइंस 1, कंप्यूटर एप्लीकेशन 1, माइक्रोबायोलाजी 2, बायोटेक्नालाजी 2,वाणिज्य 57, विधि 1, गृह विज्ञान 7, संस्कृत 7, प्राचीन भारतीय इतिहास 1, लोक प्रशासन 2, हिंदी के लिए 64, अंग्रेजी में 30, राजनीतिशास्त्र 75, अर्थशास्त्र 51, समाजशास्त्र 57, इतिहास 29, भूगोल 29, भू-गर्भ शास्त्र 3, मनोविज्ञान 6, वेद 1, ज्योतिष 1 और सूचना प्राद्योगिकी 3 ,सैन्य विज्ञान 1, मानवशास्त्र 2, दर्शनशास्त्र के 1 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी. चयनित अभ्यर्थियों को तीन साल की परिवीक्षा में रखा जाएगा। इससे देशभर के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ में सीधे प्रोफेसर बनने का अवसर मिलेगा।


महिमा ने फिल्म ‘प्रदेश’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया

कविता गर्ग              
मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस महिमा चौधरी आज अपना 48वां जन्मदिन मना रही है। महिमा चौधरी उन अभिनेत्रियों की लिस्ट में शुमार हैं, जो अपनी पहली ही फिल्म से रातों-रात स्टार बन गई थी। महिमा चौधरी ने 90 के दशक में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी। जिसके बाद उन्होंने कई बड़ी कंपनियों के लिए विज्ञापन में काम किया। साल 1997 में उन्होंने सुभाष घई की फिल्म ‘प्रदेश’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में उनके अपॉडिट शाहरुख खान थे।
फिल्म ‘प्रदेश’ सुपरहिट फिल्म साबित हुई, जिससे बॉलीवुड में आते ही उनके करियर को पंख लग गए और महिमा चौधरी भी चमक गईं। हालांकि पहली फिल्म के बाद उन्हें वो मुकाम नहीं मिल पाया जो उनको मिलना चाहिए था। महिमा चौधरी  के जन्मदिन पर हम आपको बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।

 

आरोपों की जांच के लिए पैनल गठित होगें: एससी


अकांशु उपाध्याय             
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पेगासस मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि वह इस मामले पर एफिडेविट दाखिल नहीं करने जा रही है। इसकी वजह बताते हुए केंद्र ने कहा कि ऐसे मामलों में एफिडेविट दाखिल नहीं किया जा सकता। लेकिन वह जासूसी के आरोपों की जांच के लिए पैनल गठित करने को राजी है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमना ने सख्ती भी दिखाई। उन्होंने कहा कि कोर्ट जानना चाहता है कि आखिर सरकार इस मामले पर क्या कर रही है। दरअसल, इससे पहले की सुनवाई में केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल करने के लिए दो बार वक्त लिया था, लेकिन अब उसने सीधे तौर पर इनकार कर दिया।
सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जासूसी के लिए किसी खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ या नहीं, यह पब्लिक डोमेन का मामला नहीं है। इस मामले की स्वतंत्र डोमेन विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा जांच की जा सकती है और इसे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मुद्दे पर केंद्र सरकार से नाराजगी जताई। सीजीआई रमना ने कहा कि आप बार-बार उसी बात पर वापस जा रहे हैं। हम जानना चाहते हैं कि सरकार क्या कर रही है। पब्लिक डोमेन वाले तर्क पर कोर्ट ने कहा कि हम राष्ट्रीय हित के मुद्दों में नहीं जा रहे है।  हमारी सीमित चिंता लोगों के बारे में है। केंद्र सरकार ने समिति बनाने की बात कही इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति की नियुक्ति कोई मुद्दा नहीं है। बल्कि हलफनामे का उद्देश्य यह है कि पता चले कि आप (सरकार) कहां खड़ी है।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-394 (साल-02)
2. मंगलवार, सितंबर 14, 2021
3. शक-1984,सावन, शुक्ल-पक्ष, तिथि-अष्टमी, विक्रमी सवंत-2078।
4. सूर्योदय प्रातः 05:44, सूर्यास्त 07:10।
5. न्‍यूनतम तापमान -24 डी.सै., अधिकतम-35+ डी.सै.। बरसात की संभावना बनी रहेंगी।
6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7.स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।
8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।
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रविवार, 12 सितंबर 2021

हाई एल्टिट्युड एरियल डिफेंस सिस्‍टम को हटाया

काबुल/ वाशिंगटन डीसी। अफगानिस्‍तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और टर्मिनट हाई एल्टिट्युड एरियल डिफेंस सिस्‍टम को हटा दिया है। आखिर अफगानिस्‍तान में अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद बाइडन प्रशासन ने सऊदी अरब में यह कदम क्‍यों उठाया। क्‍या अमेरिका ने सच में सऊदी अरब का साथ छोड़ दिया। इसके पीछे बाइडन प्रशासन की क्‍या रणनीति है। अमेरिका की इस रणनीति के पीछे चीन का क्‍या लिंक है। आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय।

प्रो. हर्ष पंत का कहना है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन अब सेना को पूरी तरह से चीन पर केंद्र‍ित करना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि अब बाइडन प्रशासन का पूरा ध्‍यान चीन पर होगा जो राष्‍ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उसका मुख्‍य प्रतिद्वंदी बनकर उभरा है। प्रो. पंत ने कहा कि बाइडन ने शुरू में यह संकेत दिया था कि वह ईरान के साथ तनाव कम करेंगे। उन्‍होंने कहा कि अमेरिका अंतरराष्‍ट्रीय परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत करने का इच्‍छुक हैं। 
हालांकि, बाइडन के पूर्ववर्ती डोनाल्‍ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्‍त रुख अपना रखा था। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को लगता है कि खाड़ी देशों में अब जंग का खतरा कम हुआ है। इस बीच, सऊदी अरब ने खुद से हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी सुरक्षा को मजबूत कर लिया है। उन्‍होंने कहा कि इसी रणनीति के तहत अमेरिका ने खाड़ी देशों सऊदी अरब, इराक, कुवैत, जॉर्डन से आठ पैट्रियोटऐंटी मिसाइल स‍िस्‍टम हटाने का फैसला लिया था। उन्‍होंने कहा कि बाइडन प्रशासन के रुख में यह बदलाव खाड़ी देशों में तनाव के कम होने और सऊदी अरब-ईरान में बातचीत शुरू होने और अमेरिका के रणनीतिक अनिवार्यता में बदलाव के बाद आया है। बाइडन प्रशासन ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब अफगानिस्‍तान से भी अमेरिकी अभियान खत्‍म हो गया है। इस वजह से इस इलाके से सैनिकों और हथियारों को कम किया जा रहा है।

डीएम की अध्यक्षता में मासिक बैठक आयोजित

डीएम की अध्यक्षता में मासिक बैठक आयोजित  भानु प्रताप उपाध्याय  मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में विकास भवन के सभाकक्ष में ...