सोमवार, 14 दिसंबर 2020

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक लीं करवट

अकांशु उपाध्याय

नई दिल्ली। पूरे उत्तर भारत में मौसम ने अचानक ही करवट ली है। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, झारखंड और बिहार में भी भारी बारिश की संभावना है। बारिश के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी में और इजाफा होगा। बता दें कि पंजाब कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार-शनिवार मध्य रात बारिश हुई थी जिसके कारण रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। वहीं सोमवार को भी पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं का दौर जारी है। वहीं राजस्थान में भी मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश के कीलांग, कल्पा और मनाली में तापमान शून्य से नीचे रहा। राज्य के ऊंचे क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान ताजा बर्फबारी हुई। वहीं कश्मीर में भी कई इलाकों में पारा शून्य से नीचे दर्ज किया गया। प्रशासन ने कुपवाड़ा और बांडीपुरा जिलों में ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमस्खलन की मध्यम दर्जे की चेतावनी जारी की है।  विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश भी भारी बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है।


पप्पू के प्रचार में 400 करोड रुपए खर्च किए

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। 2017 में जब मुझे अपने फेसबुक मित्रों के साथ राहुल गाँधी से चर्चा का निमंत्रण मिला था। तब मुलाकात के पहले ही मिनट में राहुल ने कहा कि "संघ और भाजपा ने मुझे पप्पू बनाने के लिए ₹400 करोड़ खर्च किए। यह ऐसी स्विकरोक्ति थी जिसे राहुल के मुँह से सुनकर हम सब दंग रह गये, पर मैं यह सोचता रहा कि जिस व्यक्ति के पास संघ और भाजपा के खिलाफ इतना स्पष्ट इनपुट हो वह अपनी ही सरकार के 10 साल के समय में क्युँ कुछ ना कर सका। इस मामले में ईडी और इनकमटैक्स की कार्यवाही हो सकती थी, यदि राहुल के पास ऐसी सूचना और सबूत थे तो वह चुप क्युँ रहे जबकि सरकार के सारे विभाग उनके हाथ में थे।

सीएम ने बाढ़ नियंत्रण कार्य करने के दिए आदेश

हरिओम उपाध्याय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हर साल बाढ़ से होने वाली जनहानि को रोकने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ नियंत्रण से सम्बन्धित कार्यों को अगले साल 15 जनवरी से मई के बीच पूरा करने के निर्देश दिये हैं। योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुये कहा कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्यो को हर हाल में 15 जनवरी से शुरू कर लिया जाये। इस सम्बन्ध में सभी औपचारिकताएं शीघ्रता से पूर्ण की जाएं, जिससे बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्यों को मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।

दिन निकलते ही सपा विधायक को किया नजरबंद

दिन निकलते ही सपा विधायक संजय गर्ग को किया पुलिस ने नजरबंद
अरविंद कुमार सैनी   
सहारनपुर। किसानों के आंदोलनों को को लेकर समाजवादी पार्टी के द्वारा दिए गए समर्थन को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा सुबह 4:00 बजे से ही विधायक संजय गर्ग को थाना जनकपुरी प्रभारी अभिषेक सिरोही पुलिस टीम के द्वारा किया गया नजरबंद।
सपा विधायक संजय गर्ग को धरने स्थल पर जाते समय पुलिस ने घेरा बाहर जाने की इजाजत न मिलने पर सपा विधायक और पुलिस में हूई तीखी नोक झोंक।
वही, आज सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्र सेन सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ किसानों के धरने में शामिल होने से पूर्व ही भारी पुलिस बल ने उनके आवास तीतरो में एक बार फिर किया नजरबंद। वहीं सपा विधायक संजय गर्ग को धरना स्थल पर जाते समय पुलिस ने घेर लिया और घर से बाहर जाने की इजाजत न मिलने पर सपा विधायक और पुलिस में तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद भी पुलिस ने शक्ति दिखाते हुए सपा विधायक को घर से नहीं निकलने दिया।

आंदोलन: किसानों की भूख हड़ताल, तेज प्रदर्शन

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन तेज, किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल
अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली। किसान नेताओं ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की और कहा कि सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे प्रदर्शन से और लोगों के जुड़ने की संभावना है।
किसान नेता बलदेव सिंह ने कहा कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सिंघु बॉर्डर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रविवार को कहा था। कि वह सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से अहम त्यागने और कानूनों को रद्द करने’’ की अपील की थी।
किसानों के एक बड़े समूह ने हरियाणा-राजस्थान सीमा पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर रविवार को दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया था। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के तहत सोमवार को किसानों का देश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना देने का कार्यक्रम है। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने शहर की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
बीकेयू एकता उग्रहान के नेता नहीं करेंगे भूख हड़ताल
भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह ने पंजाब के 32 किसान यूनियन के एक दिन के अनशन के फैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि वह भूख हड़ताल नहीं करेंगे। सुखदेव ने पिछले सप्ताह एक कार्यक्रम आयोजित कर गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की थी। सुखदेव ने कहा कि हम एक दिन का अनशन नहीं करेंगे।
सुखदेव ने कहा कि हमने कुछ गलत नहीं किया। हमने केवल बृहस्पतिवार को मानवाधिकार दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित कर गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की थी।

सरकारी आर्थिक पैकेज जुमला साबित हुआ: गांधी

सरकार का आर्थिक पैकेज भी जुमला साबित हुआ: राहुल
पालूराम  
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना संकट के दौरान सरकार ने जो 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज घोषित किया वह जमीन पर नहीं उतरा और घोषणा करने में माहिर सरकार का यह पैकेज भी जुमला साबित हुआ।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि चुनावी जुमला- 15 लाख अकाउंट में कोरोना जुमला- 20 लाख करोड़ का पैकेज। इसके साथ ही उन्होंने एक खबर पोस्ट की है। जिसमें सूचना के अधिकार-आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में सरकार ने बताया है। कि इस साल मई में जो 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा कोरोनो से निपटने के लिए की गई थी। उसका महज 10 फ़ीसदी पैसा ही वितरित हुआ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह से 15 लाख रुपए खाते में डालने के चुनावी जुमले की तरह मोदी सरकार का 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज भी कोरोना जुमला साबित हुआ है।

समर्थन में जिओ के मोबाइल व सिम कार्ड जलाएं

यहां किसान समर्थन में जिओ के मोबाइल और सिम कार्ड जलाए
हरिओम उपाध्याय 
नई दिल्ली। किसान संगठनों के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकपा (माले) द्वारा मोदी सरकार के अंबानी-अडानी राज के खिलाफ प्रदर्शन कर अंबानी के उत्पादों का बहिष्कार व जिओ फोन व सिम कार्ड तोड़ने व दहन कार्यक्रम कार रोड चौराहे पर किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए माले राज्य सचिव राजा बहुगुणा ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हित में नहीं अडाणी-अंबानी जैसे कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है। मोदी राज अंबानी-अडानी राज में तब्दील हो चुका है। तीनों कृषि कानून किसानों के खिलाफ कॉरपोरेट के फायदे के लिए ही हैं। इसलिए किसान आंदोलन का अंबानी-अडानी के उत्पादों के बहिष्कार का फैसला सही समय पर लिया गया सही फैसला है। हम किसानों के इस आह्वान का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा कि खेत-खेती और किसानी को बचाने के लिए किसानों का आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। इसलिए मोदी सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद को खरीदने के लिए मंडी व्यवस्था लागू करना होगा व किसानों से धोखाधड़ी बंंद करना होगा। सरकारी स्तर पर फसल खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करना होगा। इस अवसर पर तय किया गया कि किसानों के सवाल पर मोदी सरकार के हठ और कंपनी राज के खिलाफ 27 दिसंबर को बुद्धपार्क हल्द्वानी में किसानों का महाधरना आयोजित किया जायेग।

न्याय सम्मेलन एवं विशाल पैदल मार्च का आयोजन

न्याय सम्मेलन एवं विशाल पैदल मार्च का आयोजन  भानु प्रताप उपाध्याय  मुजफ्फरनगर। जनपद के टाउन हॉल में मंगलवार को सामाजिक न्याय क्रांति मोर्चा ...